हैदराबाद गैंगरेप: आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाने से पहले ही होने लगी थी दूसरे विकल्पों की चर्चा



कहा जा रहा है कि लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए पुलिस (Police) ने घटना के बाद से ही दूसरों विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया था और अब एनकाउंटर की घटना हर किसी के सामने है



हैदराबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला वेटनरी डॉक्टर (Veterinary Doctor) से गैंगरेप के बाद हत्या और फिर लाश को जला देने की घटना के बाद लोग गुस्से में थे. लोग पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठा रहे थे. इसके अलावा परिवारवालों ने ये भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में देरी की. लिहाजा पुलिस वाले बेहद दबाव में थे. ऐसे में कहा जा रहा है कि लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए पुलिस ने तभी से दूसरों विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया था. अब एनकाउंटर की घटना हर किसी के सामने है.

एनकाउंटर का प्लान!

अंग्रेजी अखबार डेक्कन क्रॉनिकल ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि घटना के 24 घंटे बाद पुलिस ने दूसरों विकल्पों के बारे में सोचना शुरू कर दिया था. अखबार ने ये रिपोर्ट 30 नवंबर को छापी थी. कहा गया कि इस केस में पुलिस के अलावा राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री केसीआर पर भी सवाल उठे थे. अखबार के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले ही पुलिस कमिश्नर सीपी सज्जनार (Cp sajjanar) ने आरोपियों को सबक सिखाने को लेकर चर्चा की थी. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि आम लोगों का गुस्सा शांत करने के पुलिस वाले 'एनकाउंटर' जैसी चीजों पर भी विचार कर रहे हैं. दरअसल 11 साल पहले आंध्रप्रदेश के वारंगल में पुलिस ने एसिड अटैक के एक केस में आरोपियों को एनकाउंटर में मार गिराया था. उस वक्त सीपी सज्जनार वारंगल में एसपी थे.

क्या हुआ था साल 2008 के एनकाउंटर में








 







ये घटना साल 2008 की है. आंध्र प्रदेश के वारंगल में तीन आरोपी पुलिस की हिरासत में थे. इन तीनों पर इंजीनियरिंग कॉलेज की 2 छात्राओं पर एसिड फेंकने का आरोप था. पुलिस यहां भी घटना के सीन को रि- क्रिएट करना चाहती थी. यहां ये तीनों आरोपी पुलिसवालों पर एसिड फेंक कर भागने की फिराक में थे. तभी पुलिस ने इन पर गोलियां बरसा दीं. उस वक्त यहां के एसपी सीपी सज्जनार ही थे.