कहा जा रहा है कि लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए पुलिस (Police) ने घटना के बाद से ही दूसरों विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया था और अब एनकाउंटर की घटना हर किसी के सामने है
एनकाउंटर का प्लान!
क्या हुआ था साल 2008 के एनकाउंटर में
ये घटना साल 2008 की है. आंध्र प्रदेश के वारंगल में तीन आरोपी पुलिस की हिरासत में थे. इन तीनों पर इंजीनियरिंग कॉलेज की 2 छात्राओं पर एसिड फेंकने का आरोप था. पुलिस यहां भी घटना के सीन को रि- क्रिएट करना चाहती थी. यहां ये तीनों आरोपी पुलिसवालों पर एसिड फेंक कर भागने की फिराक में थे. तभी पुलिस ने इन पर गोलियां बरसा दीं. उस वक्त यहां के एसपी सीपी सज्जनार ही थे.