देर रात दर्जनभर डकैतों की गैंग ने फ्रॉमहॉउस में डाला डाका! खजूरी पुलिस बाल भी नही कर पाई बाक़ा!!

करोड़ो का फ्रॉमहॉउस लेकिन कौड़ियों के भी CCTV कैमरे नही लगे आख़िर क्यों??
डकैतों को कैसे पता चला फ्रॉम हॉउस के अंदर की अलमारी का पता???
महल जैसे फॉर्महाउस में नीचे ऊपर दर्ज़न भर से अधिक कमरे, बेटा-बहु के कमरे व अन्य रूमों को छोड़ डकैत सीधे क्यों घुसे अलमारी वाले कमरे में????
बुज़ुर्ग माता पिता की धुक्कस पिटाई करने वाली डकैतों की गैंग ने बेटा-बहु पर क्यों नही किया वार???
थाना तक़रीबन एक किलो मीटर की दूरी पर था फिर डकैती की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस एक घण्टे बाद मौका-ए-वारदात पर क्यों पहुँची???
जनसम्पर्क -Life
भोपाल : राजधानी का इंदौर हाईवे 24 घण्टे चलता, जागता रास्ता आख़िर कल रात डकैती के वक़्त क्यों गहरी नींद सो रहा था? थाना खजूरी के निकट बीती दरमियानी रात को किराने के सौदागर सुभाष जयसवाल के फ्रॉम हाउस पर तक़रीबन 3 बजे एक दर्जन से अधिक डकैतों की गैंग ने उस वक़्त डाका डाला जिस वक़्त फ्रॉमहॉउस के अंदर गहरी नींद ले रहे 4 सदस्यों का परिवार नींद में चूर मदहोश हो चुका था। हो सकता है डकैतों की गैंग ने पहले चुपचाप फ्रॉमहॉउस के पीछे खेतों के रास्ते से आ, फ्रॉमहॉउस से जुड़े खेत व बगीचे के कांटेदार लोहे के तारो को प्रॉफेशनल हैवी पिंचीस से काट दिए होंगें और फ़िर फ्रॉमहॉउस के मुख्य द्वार के बोल्डडोर लॉक को आसानी से उखाड़ लिया होगा, वैसे हैरत की बात है दरवाज़े में आरपार धसे बोल्डडोर लॉक को उचकाने का शोर ना फ्रॉमहॉउस के सामने वाले दो चार खेतो के बीच घरो में सो रहे लोगो के कानों तक पहुँचा ना अंदर सो रहे परिवार के चार सदस्यों को सुनाई दिया। डकैतों के ताला तोड़ घर के अंदर घुस जाने की भनक से भी किसी की नींद नही खुल सकी, डकैतों ने ताला तोड़ दिया और किसी को सुनाई भी नही दिया। लिहाज़ा लॉक तोड़ते ही नकाबशुदा डकैत धड़ाधड़ घर के अंदर दाखिल हो गए अलग-अलग कमरे, हॉल व आकर्षित करने वाले सामान को छोड़ डकैतों की गैंग ने सीधे बुज़ुर्ग सुभाष व उनकी पत्नी माधुरी के कमरे में चले गए। जैसे डकैतों को पहले से किसी ने पता बताया था कि माल सुभाष के ही कमरे में है, उस से बड़ी हैरत की बात तो ये है कि डकैत दोनों बुज़ुर्ग पति पत्नी को मारते हुए चुप रहने की हिदायत देते चले गए। वैसे उमूमन तोर पर डकैत मार-मार के ये पूछते है कि माल कहा रखा है बताओ लेकिन सिर्फ मारते हुए चुप रहने की हिदायत दे रहे थे आखिर क्यों?
दर्ज़नो अनसुलझे सवालों के साथ पढ़िए
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